प्रेगनेंसी में ब्राउन डिस्चार्ज कब तक होती है?HealthPlanet

Posted on Fri 11th Nov 2022 : 09:30

महिलाओं में योनि से डिस्चार्ज होना आम है। यह कोई गंभीर समस्या नहीं है (1)। गर्भावस्था के दौरान कई महिलाओं के योनि स्त्राव के रंग में बदलाव आ सकता है। यह गाढ़ा या पतला हो सकता है (2)। ऐसे में कई बार यह डिस्चार्ज ब्राउन कलर का भी दिखाई दे सकता है। इसे देखकर अक्सर गर्भवती महिलाएं घबरा जाती हैं। खासतौर से वो महिलाएं, जो पहली बार गर्भवती होती हैं। उन्हें गर्भ में पल रहे शिशु की सुरक्षा को लेकर चिंता होने लगती है। उनके मन में सवाल उठने लगते हैं कि क्या प्रेगनेंसी में ब्राउन स्त्राव उनके और होने वाले बच्चे के लिए खतरनाक हो सकता है? इसी बात को ध्यान में रखते हुए मॉमजंक्शन के इस लेख में हम ब्राउन डिस्चार्ज इन प्रेगनेंसी के बारे में विस्तार से बताने जा रहे हैं।

आइए, सबसे पहले गर्भावस्था में ब्राउन डिस्चार्ज आना क्या है, इस बात को बारीकी से समझ लेते हैं।
प्रेगनेंसी में ब्राउन स्त्राव होना क्या है? |
प्रेगनेंसी में ज्यादातर महिलाओं को योनि से डिस्चार्ज होता है। यह सफेद रंग का गाढ़ा पदार्थ होता है। कई बार कुछ महिलाओं को सफेद की जगह पीला, ग्रे या ब्राउन डिस्चार्ज हो सकता है। इसमें कोई घबराने वाली बात नहीं है, लेकिन कुछ मामलों में यह संक्रमण का संकेत भी हो सकता है। अगर स्त्राव में बदबू हो या गुप्तांग में खुजली की परेशानी हो, तो इसके लिए चिकित्सक से कंसल्ट करना चाहिए। वहीं, बात करें ब्राउन डिस्चार्ज की, तो किसी कारण से डिस्चार्ज में खून (जैसे:- पहले से जमा पुराना रक्त) के मिलने की वजह से डिस्चार्ज का रंग ब्राउन नजर आता है (2)।

लेख के अगले भाग में हम बताएंगे कि प्रेगनेंसी में ब्राउन स्त्राव होना कितना आम है।
क्या प्रेगनेंसी में ब्राउन स्त्राव होना सामान्य बात है?

ज्यादातर मामलों में प्रेगनेंसी में ब्राउन स्त्राव होना सामान्य माना गया है। दरअसल, गर्भावस्था के दौरान लगभग 50 प्रतिशत महिलाओं को योनि से डिस्चार्ज होता है (3)। बस डिस्चार्ज की मात्रा और कलर में अंतर आ सकता है। कई बार डिस्चार्ज में शरीर में रुका ब्लड मिल जाता है, जिस कारण इसका रंग हल्का ब्राउन हो जाता है (2)। इसमें कोई चिंता वाली बात नहीं है। वहीं, अगर रंग अधिक गाढ़ा हो, स्राव अधिक मात्रा में आए व इससे दुर्गंध महसूस हो, तो यह किसी समस्या का इशारा हो सकता है। फिलहाल, प्रेगनेंसी में ब्राउन स्त्राव के संबंध में और शोध किया जा रहा है। ऐसे में अगर ब्राउन स्त्राव अधिक मात्रा में हो रहा है, तो बिना देर किए डॉक्टर से परामर्श करना चाहिए।

लेख में आगे जानिए कि प्रेगनेंसी में ब्राउन डिस्चार्ज की समस्या कब होती है।
प्रेगनेंसी में ब्राउन स्त्राव कब होता है?

सामान्य तौर पर गर्भावस्था में डिस्चार्ज शुरू से लेकर अंतिम चरण तक हो सकता है (4)। वहीं, एक शोध के अनुसार, डिस्चार्ज के साथ कई बार रुका हुआ रक्त साथ आता है, जिस कारण स्त्राव का रंग ब्राउन हो जाता है (2)। हालांकि, कुछ विशेष स्थितियों के कारण गर्भावस्था के प्रारंभ और अंतिम चरण के दिनों में ब्राउन स्त्राव के होने की आशंका अधिक होती है, जिसके बारे में नीचे विस्तार से जानकारी दी गई है।
गर्भावस्था के प्रारंभ में ब्राउन डिस्चार्ज होना

अंडे के निषेचन के बाद अर्थात गर्भावस्था के शुरुआत में योनि से डिस्चार्ज का होना आम बात है (4)। मगर, हम बात करें गर्भावस्था के शुरुआती चरण की तो 30 साल से अधिक उम्र की महिलाओं में डिस्चार्ज की स्थिति दिखने की संभावना अधिक होती है (3)। वहीं, लेख में ऊपर बताया गया है कि डिस्चार्ज के साथ शरीर से पुराना ब्लड भी साथ आता है, जिस कारण डिस्चार्ज का रंग ब्राउन हो सकता है (2)। इस आधार पर यह कहा जा सकता है कि गर्भावस्था की शुरुआत में ब्राउन डिस्चार्ज के दिखाई देने की संभावना अधिक होती है।
गर्भावस्था के अंतिम दिनों में ब्राउन डिस्चार्ज होना

गर्भावस्था के अंतिम दिनों में योनि से ब्राउन डिस्चार्ज लेबर का समय नजदीक आने का इशारा हो सकता है। गर्भावस्था के दौरान सर्विक्स में होने वाले बदलावों के कारण योनि से डिस्चार्ज की शिकायत हो सकती है। लेबर का समय जैसे-जैसे नजदीक आता है, वैसे-वैसे सर्विक्स और योनि की दीवारें सॉफ्ट होने लगती हैं। इस दौरान गर्भवती महिला के शरीर से अधिक डिस्चार्ज हो सकता है। हालांकि, कुछ महिलाएं इसे ब्लीडिंग समझकर मिसकैरेज मान लेती हैं। इसलिए, गर्भवती के लिए ब्राउन डिस्चार्ज और ब्लीडिंग के बीच अंतर समझना बेहद जरूरी होता है (6)।

यहां अब हम प्रेगनेंसी में ब्राउन स्त्राव के कारणों के बारे में बताएंगे।
प्रेगनेंसी में ब्राउन स्त्राव होने के कारण?

गर्भावस्था में ब्राउन स्त्राव होने के कई कारण हो सकते हैं, जिनके बारे में यहां हम क्रमवार बता रहे हैं:

संबंध बनाते समय संक्रमण के कारण ब्राउन डिस्चार्ज की परेशानी हो सकती है। इसमें ट्राइकोमोनिएसिस, क्लैमाइडिया और गोनोरिया इंफेक्शन शामिल हैं (7)।

योनी में यीस्ट संक्रमण के कारण भी ब्राउन स्त्राव हो सकता है। यह फंगस के कारण होता है (7)।

डिलीवरी का समय आने से कुछ दिन पहले ब्राउन स्त्राव हो सकता है। यह लेबर पेन का लक्षण हो सकता है (6)।

कई बार योनि में इंफेक्शन के कारण भी रक्त स्त्राव की शिकायत हो सकती है, जिस कारण योनि स्त्राव ब्राउन डिस्चार्ज के रूप में दिखाई दे सकता है। वहीं स्त्राव के साथ खराब गंध, जलन व खुजली की शिकायत हो सकती है (8)।

लेख के इस भाग में जानेंगे कि ब्राउन डिस्चार्ज को कब गंभीरता से लेने की जरूरत होती है।
ब्राउन डिस्चार्ज में आपको कब चिंता करनी चाहिए?

आमतौर पर गर्भावस्था के दौरान होने वाले ब्राउन स्त्राव को लेकर घबराने की जरूरत नहीं होती है, लेकिन कुछ स्थितियां ऐसी भी हैं, जिनके नजर आने पर बिना देर किए डॉक्टर से संपर्क कर लेना चाहिए। यह स्थितियां कुछ इस प्रकार हैं (7) :

अधिक मात्रा में डिस्चार्ज होना।
डिस्चार्ज में से दुर्गंध आना।
डिस्चार्ज के साथ पेट में दर्द व ऐंठन होना।
डिस्चार्ज के साथ खुजली होना।
ब्राउन स्त्राव के साथ बुखार आना।
संबंध बनाने के एक हफ्ते बाद तक भी डिस्चार्ज जारी रहना।
योनि की मेडिकल जांच के एक हफ्ते बाद तक ब्राउन स्त्राव होते रहना।

अब हम ब्राउन डिस्चार्ज को ठीक करने के उपाय के बारे में बात करेंगे।
ब्राउन डिस्चार्ज को ठीक करने के उपाय |
लेख में ऊपर बताया गया है कि ब्राउन डिस्चार्ज संक्रमण के कारण भी हो सकता है। ऐसे में इसका इलाज लक्षणों पर निर्भर करता है। साथ ही कुछ बातों का ध्यान रखकर इस परेशानी को कुछ हद तक कम किया जा सकता है। इसके लिए नीचे बताए गए उपायों का सहारा लिया जा सकता है:

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